“Debt?” शुक्ला मास्टर ने भौंह उठाई।
“गिल्ट। मेरे पिता का Rin (debt)। मैंने उन्हें neglect किया। अब मुझे ledger balance करना है। अगर मैं काफी Seva (service) करूँ, अगर मैं पर्याप्त spiritual बन जाऊँ, तो यह heaviness चली जाएगी… है ना?”
शुक्ला मास्टर हँसे—एक सूखी, धूल-भरी हँसी। “तुम corporate लोग… तुम सोचते हो Karma एक vending machine है। ‘Good deeds’ का सिक्का डालो और नीचे से ‘peace’ का packet गिर जाएगा।”
उन्होंने कबीर को संतरे का एक फाँक दिया। कबीर ने impatient होकर ले लिया।
“इसे कहते हैं Spiritual Bypassing,” शुक्ला मास्टर ने अंग्रेज़ी शब्द बड़ी सटीकता से बोला। “तुम भगवान का इस्तेमाल खुद से बचने के लिए कर रहे हो। तुम घाव के ऊपर मंदिर बना रहे हो ताकि खून न देखना पड़े। लेकिन खून… फर्श पर दाग छोड़ ही देगा, बेटा।”