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THE AUTOPSY OF UNSPENT LOVE
PART IV: THE REHABILITATION
अध्याय 20: वह अनपोस्टेड पल
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आरव ओखला बर्ड सैंक्चुअरी के किनारे खड़ा था। सूरज डूब रहा था—यमुना की धूसर धुंध में एक चोट-सा नारंगी गोला धीरे-धीरे नीचे जा रहा था। हज़ारों प्रवासी फ्लेमिंगो ने पानी को गुलाबी रंग दिया था। दृश्य सांस रोक देने वाला था। और फिर भी, लोग उसे देख ही नहीं रहे थे। उसके आसपास लगभग पचास लोग पक्षियों की ओर पीठ करके, अपने स्मार्टफोन कैमरों की ओर चेहरा किए खड़े थे। कोई pout कर रहा था, कोई मुस्कुरा रहा था, कोई उंगली से इशारा कर रहा था। “Golden Hour vibes! #Nature #Peace” “Bestie के साथ Flamingo season!” वे सूरज को देख नहीं रहे थे; वे इस बात का सबूत बना रहे थे कि उन्होंने सूरज देखा है। वे अद्भुत अनुभव को 9:16 के फ्रेम में घटा रहे थे।
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