शहर के दूसरी तरफ़, मीरा भी वही लड़ाई लड़ रही थी।
वह राहुल के साथ फर्श पर बैठी थी। वे Lego tower बना रहे थे। एक दुर्लभ, शांत Sunday था। राहुल हँस रहा था—पेट से निकलने वाली, गहरी हँसी—और मीरा को एहसास हुआ कि उसने महीनों से यह हँसी नहीं सुनी थी, क्योंकि खेलने के समय वह अक्सर conference call पर होती थी।
रोशनी राहुल के चेहरे पर बिल्कुल सही पड़ रही थी। वह angelic लग रहा था।
Perfect content, मीरा का “Superwoman” दिमाग़ गणना करने लगा। इसकी फोटो mom-groups को साबित कर देगी कि मैं balanced हूँ। मेरी mother-in-law को साबित कर देगी कि मैं अच्छी माँ हूँ।
उसका हाथ फोन की ओर गया।
“रुको बेटा, मम्मा के लिए smile करो,” उसने कहा।
राहुल का चेहरा तुरंत बदल गया। belly laugh गायब। वह stiff हो गया। उसने “Camera Smile” पहन लिया—वही नकली, दाँतों वाली grin जो उसने command पर करना सीख ली थी।
पल मर गया। connection टूट गया। वे Intimacy से Performance में शिफ्ट हो गए।
मीरा ने स्क्रीन देखी। उसने image तो capture कर ली थी, पर खुशी मार दी थी।